मंगलवार, 28 नवंबर 2023

सरकारी नौकरी: हैवी व्हीकल फैक्ट्री में अप्रेंटिस के 320 पदों पर निकली भर्ती, ग्रेजुएट्स को मौका, स्टाइपेंड 9 हजार रुपए

 सरकारी नौकरी:हैवी व्हीकल फैक्ट्री में अप्रेंटिस के 320 पदों पर निकली भर्ती, ग्रेजुएट्स को मौका, स्टाइपेंड 9 हजार रुपए


हैवी व्हीकल फैक्ट्री में अप्रेंटिस के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट  Apply Now के जरिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। 
सरकारी नौकरी:हैवी व्हीकल फैक्ट्री में अप्रेंटिस के 320 पदों पर निकली भर्ती, ग्रेजुएट्स को मौका, स्टाइपेंड 9 हजार रुपए

एक दिन पहले

वैकेंसी डिटेल्स :

ग्रेजुएट अप्रेंटिस : 110 पद

टेक्नीशियन (डिप्लोमा) अप्रेंटिस : 110 पद

नॉन इंजीनियरिंग ग्रेजुएट अप्रेंटिस : 100 पद

एजुकेशनल क्वालिफिकेशन :

ग्रेजुएट अप्रेंटिस : इंजीनियरिंग/टेक्नोलॉजी में डिग्री।
तकनीशियन (डिप्लोमा) अप्रेंटिस : इंजीनियरिंग/टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा।
गैर इंजीनियरिंग ग्रेजुएट अप्रेंटिस : बीए/बीएससी/बी.कॉम/बीबीए/बीसीए।
आयु सीमा :

अप्रेंटिसशिप रूल्स के अनुसार आयु सीमा तय की जाएगी।

सिलेक्शन प्रोसेस :

उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग संबंधित विषयों में मिले नंबरों के प्रतिशत के आधार पर की जाएगी। शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को उनके रजिस्टर्ड ईमेल आईडी के जरिये इंफॉर्म किया जाएगा। उन्हें एचवीएफ, अवदी, चेन्नई में सर्टीफिकेट वेरीफिकेशन के लिए उपस्थित होना होगा।

स्टाइपेंड :

ग्रेजुएट अप्रेंटिस : (इंजीनियरिंग/टेक्नोलॉजी): 9000 रुपए
तकनीशियन (डिप्लोमा) अप्रेंटिस : 8000 रुपए
गैर इंजीनियरिंग ग्रेजुएट अप्रेंटिस : 9000 रुपए

ऐसे करें आवेदन :


ऑफिशियल वेबसाइट Apply Now पर जाएं।
रजिस्ट्रेशन करके फॉर्म में मांगी गई जानकारी दर्ज करें।
सभी डॉक्यूमेंट्स अटैच करें।
फॉर्म भरें। इसका प्रिंट आउट लेकर रखें।

रविवार, 26 नवंबर 2023

आज पूरे दिन की खबरें_परिचित ने ही रेप-हत्या कर तालाब में फेंका था शवः

 परिचित ने ही रेप-हत्या कर तालाब में फेंका था शवः बोला-भगाकर ले जाने की जिद कर रही थी नाबालिग; पीछा छुड़ाने मार डाला

आज पूरे दिन की खबरें_परिचित ने ही रेप-हत्या कर तालाब में फेंका था शवः
सतना जिले के रामपुर बघेलान में गौहारी के तालाब में मिले शव के मामले की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। 15 वर्षीय नाबालिग का रेप और हत्या करने के बाद शव तालाब में फेंकने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह गौहारी का ही रहने वाला है और इसी के चलते नाबालिग के परिजन से उसकी जान-पहचान है। वह परिवार वालों के साथ मिलकर लापता नाबालिग को ढूंढने का नाटक भी करता रहा। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने 19-20 नवंबर की दरमियानी रात लड़की से रेप किया। फिर हत्या कर शव आधे सूखे पड़े तालाब के झुरमुट के बीच फेंक दिया, जो 23 नवंबर को मिला।

नजदीकी संबंध थे, भगाकर ले जाने की जिद कर रही थी

पुलिस ने बताया- आरोपी रामभजन केवट (41) पिता अमृतलाल शादीशुदा है। उसके बच्चे भी हैं। इसके बावजूद उसके नाबालिग लड़की से नजदीकी संबंध थे। 19 नवंबर की रात नाबालिग ने रामभजन को मिलने के लिए अपने घर के पास बुलाया था। रामभजन मिलने पहुंचा तो नाबालिग की चाची भी आ गई, जिसे देखकर वह भाग निकला। कुछ देर बाद लड़की उसके खेत में बनी मड़ैया में पहुंच गई। उसने रामभजन से भगाकर ले जाने के लिए कहा। वह इसके लिए राजी नहीं हुआ। बहस के बाद आरोपी ने नाबालिग से दुष्कर्म किया और उसका गला दबा दिया। इसके बाद उसे कंधे पर लादकर तालाब ले आया। यहां उसके सीने में घूंसे मारे। उसकी मौत की पुष्टि कर शव तालाब में फेंक दिया। 

नाबालिग की चाची से पूछताछ के बाद मिला सुराग

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने नाबालिग की चाची के बयान लिए। उसने बताया कि रामभजन लड़की से मिलने आया था। संदेह के घेरे में आने के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू कर दी। पहले तो वह गुमराह करता रहा लेकिन सख्ती बरती गई तो जुर्म कबूल लिया।

रामभजन के बयान के आधार पर पुलिस ने रविवार शाम उसे गिरफ्तार किया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी नाबालिग के साथ बलात्कार और उसकी पसलियां टूटने के साथ ही गला दबाए जाने की पुष्टि हो गई।



भोपाल में केरवा डेम के पास का ये वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें रात के दो बजे बाघ घूमते दिख रहा है, वैसे भोपाल के बाहरी रिहायशी एरिया के आस पास अनेक बाघों की रिहाइश हैं 

मध्य प्रदेश के शहडोल में मानवता को शर्मशार करने वाली तस्वीर सामने आई है।शव वाहन न मिलने से पोता दादा के शव को बाइक में रखकर जिला अस्पताल से पंद्रह किलोमीटर दूर गांव तक ले गया। सोहागपुर जनपद के  ग्राम धुरवार के 56 वर्षीय ललुईया बैगा की मौत जिला अस्पताल में हो गई। परिजनों को शव ले जाने के लिए छुट्टी होने के कारण कोई वाहन नहीं मिला।


शहडोल ज़िले में अवैध उत्खनन रोकने गए पटवारी को रेत माफिया ने ट्रेक्टर से कुचला, पटवारी प्रसन्न सिह बघेल की मौके पर मौत। रेत का अवैध उत्खनन कर  परिवहन कर रहे ट्रेक्टर को पकड़ लिया था पटवारी प्रसन्न सिह बघेल ने।  ट्रेक्टर चालक ट्रेक्टर सहित हुआ फ़रार




शुक्रवार, 24 नवंबर 2023

ताजा खबरें

 डीजे वाले का है मैहर मिला नर कंकालः

चप्पल और अंडर वियर से हुई मृतक की पहचान, दो दिन पहले लावारिस मिली थी बाइक
मैहर की कुंजन तलैया के पास मिले पुराने नर कंकाल की पहचान कर ली गई है। मृतक की बाइक भी दो दिन पहले लावारिस हालत में मिली थी। अब एक-एक तार जोड़ कर पुलिस के सामने इस अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाने की बड़ी चुनौती है।
जानकारी के मुताबिक मैहर में कुंजन तलैया के पास शुक्रवार को मिले पुराने नर कंकाल की पहचान अंडरवियर और चप्पल के जरिए कर ली गई है। कंकाल अक्टूबर के महीने
में लापता हुए डीजे का काम करने वाले नरेश साकेत पिता झल्ला साकेत (40) निवासी मानपुर पुरानी बस्ती मैहर का है। दो दिन पहले ही उसकी बाइक भी नहर के किनारे लावारिस हालत में पड़ी मिली थी। कंकाल को फोरेंसिक जांच के बाद पीएम के लिए रीवा भेजा गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि नरेश की मौत कब और कैसे हुई थी।

पुलिस ने बताया कि नरेश डीजे का काम करता था। वह अक्टूबर में लापता हो गया था। गत 12 अक्टूबर को उसकी पत्नी उर्मिला साकेत ने उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस तभी से उसकी तलाश कर रही थी लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। इस बीच 23 अक्टूबर को नहर के किनारे पड़ी एक बाइक को देख कर एक चरवाहे ने पुलिस को इसकी सूचना दी। जब पुलिस वहां पहुंची तो पता चला कि वह बाइक नरेश की है जिसके बाद उसकी तलाश एक बार तेज की गई। शुक्रवार को कुंजन तलैया के पास पड़े एक बोरे को खोलकर देखा गया तो उसमे पुराना कंकाल निकला। परिजनों ने कपड़ों और चप्पल के आधार पर उसकी शिनाख्त की। अब पुलिस के सामने इस अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाने की बड़ी चुनौती है। सवाल यह है कि अक्टूबर में लापता हुआ नरेश डेढ़ महीने से अधिक समय तक आखिर कहां था? उसकी बाइक और कंकाल क्या वाकई डेढ़ महीने से कुंजन तलैया के पास ही पड़ा था? अगर पड़ा था तो पुलिस को अब तक जानकारी कैसे नहीं थी?


सतना नदी के आगे तिघरा मोड़ में बड़ा सड़क हादसा। एक महिला की मौत की खबर







सागर में धमकाकर छात्रा के साथ किया दुष्कर्मः रिश्तेदार के घर शादी समारोह में हुई पहचान, दोस्त के रूम पर ले जाकर किया था गलत काम


सागर के गोपालगंज थाना में 17 वर्षीय छात्रा ने दुष्कर्म की शिकायत की है। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने डरा-धमकाकर जबरदस्ती दुष्कर्म किया। मामले की शिकायत पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया है। वहीं कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार 17 वर्षीय पीड़िता ने परिवार वालों के साथ गोपालगंज थाने आकर शिकायत में बताया कि कालेज में प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही है। इसी साल मई माह में वह जैसीनगर क्षेत्र में रहने वाले अपने रिश्तेदार के घर शादी समारोह में शामिल होने के लिए गई थी। जहां उसकी मुलाकात बसोना निवासी श्रीराम पटेल से हुई। दोनों के बीच बातचीत हुई और एक-दूसरे का मोबाइल नंबर ले लिया। पीड़िता जैसीनगर से लौटकर वापस सागर आ गई। दोनों के बीच फोन पर बातचीत होने लगी। 18 जून को आरोपी श्रीराम सागर आया। वह पीड़िता को बाइक पर बैठाकर मकरोनिया क्षेत्र में रहने वाले अपने दोस्त के रूम पर ले गया।

पिता को जान से मारने की देता था धमकी

जहां आरोपी ने डरा धमकाकर नाबालिग के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी अलग-अलग जगहों पर नाबालिग को साथ लेकर गया और गलत काम किया। 16 नवंबर को भी आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था। आरोपी घटनाक्रम के संबंध में किसी को बताने पर पीड़िता के पिता को जान से मारने की धमकी देता था। आरोपी की हरकतों से परेशान होकर पीड़िता ने मां को अपनी आपबीती बताई। जिसके बाद परिवार वाले पीड़िता के साथ थाने पहुंचे और शिकायत की। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी श्रीराम के खिलाफ दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया। वहीं कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

अमानगंज में बेकाबू होकर पलटा ट्रकः हादसे में गंभीर घायल ट्रक चालक की उपचार के दौरान मौत

पन्ना जिला के अमानगंज में एक ट्रक पलटने से चालक घायल हो गया, उसे कटनी जिला अस्पताल में बेहोशी की हालत में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान डॉक्टर ने ट्रक चालक को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने बताया कि मैहर जिले के इटमा गांव निवासी फग्गू पिता लक्ष्मण कुशवाहा (42) से शुक्रवार रात ट्रक चलाने के दौरान अमानगंज में ट्रक पलट गया। जिसके कारण ट्रक चालक फग्गू कुशवाहा गंभीर घायल हो गया। चालक के साथियों ने उसे कटनी जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने जांच के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। मामले की जांच की जा रही है। 


इंदौर के स्कूल में पीटे गए छात्र ने खाना छोड़ा: मारते-धकाते हुए VIDEO आया सामने; अब पिता ने कही यह बात

इंदौर में तीन दिन पहले सेंटपॉल स्कूल कैम्पस में सीनियर छात्र द्वारा पीटा गया नौवीं का स्टूडेंट घबराया हुआ है, सदमे में है। उसने दो दिन से खाना नहीं खाया है। सिर्फ लिक्विड ले रहा है। बाईं आंख के रैटिना के अलावा जबड़े में भी सूजन है। डॉक्टर कहते हैं कि अगर चोट थोड़ी और गहरी होती तो पीड़ित एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए खो सकता था। पिता ने कहा कि वह बच्चे को स्कूल से निकाल लेंगे। अब घटना का एक VIDEO भी सामने आया है, जिसमें पीड़ित स्कूल कैंपस में खड़ा है और उसे चांटे मारे जा रहे हैं। जानिए घटना को लेकर पीड़ित छात्र और उसके पिता का क्या कहना है...

घटना की कहानी... पीड़ित छात्र की जुबानी

"स्कूल (घटना वाले दिन गुरुवार दोपहर) की छुट्टी हो गई थी। घर जाने के लिए स्कूल से बाहर निकल रहा था, तभी लड़कों ने आकर मारपीट शुरू कर दी। कॉलर पकड़ कर पहले मुझे चांटे मारे। मैं उन्हें नहीं जानता था। फिर वो लड़के मुझे घसीटते हुए अंदर ले गए। वहां स्कूल कैंपस में कुछ पेरेंट्स फीस भरने के लिए आए थे, उन्होंने मुझे बचाया।

यह पता चला कि मारने वाला लड़का 11वीं में इसी स्कूल में पढ़ता है। मैं उससे पहले कभी नहीं मिला। कुल 6 लोग थे, 3 सिविल ड्रेस में थे वो बाहरी लड़के थे। स्कूल में नहीं पढ़ते हैं। लड़कों के पास कुछ हथियार था या नहीं, यह समझ में नहीं आया। मुझे आंख में किसी चीज की उन्होंने जोर से मारी थी। ये लड़के किसी ओर को मारने आए थे, लेकिन गलतफहमी में उन्होंने मुझे मारा गया है। जिस लड़के को वो लोग मारने आए थे, वो मेरे पीछे खड़ा था और चला गया था। वो भी मेरा क्लासमेट ही है। आंख और सिर में चोट लगी है। लेफ्ट आंख में दर्द हो रहा है। खाना नहीं खा पा रहा हूं। चेहरे पर भी सूजन है। सिर्फ लिक्विड चीजें ले रहा हूं।

छात्र ने यह भी दावा किया है कि स्कूल में मारपीट करने वाले लड़के से मेरा कभी कोई विवाद नहीं हुआ। मेरे साथ मारपीट करने के बाद सभी लड़के भाग गए। स्कूल वाले सर उन्हें पकड़ सकते थे लेकिन उन्होंने उन्हें नहीं पकड़ा। फिर मैंने घर पर फोन लगवाया।" आरोपी छात्र के पिता ने फोन कर कहा- सब खत्म करो, बच्चे से गलती हो गई

पीड़ित छात्र के पिता का कहना है कि "मेरे पास फोन आया कि बच्चे के साथ स्कूल में मारपीट हुई है। उसे बहुत मारा है। सिर और आंख में चोट लगी है। स्कूल पहुंच मैंने पूछा कि किसने मारा। वहां स्कूल के हार्डिया सर थे। मैंने कहा कि फादर को बुलवाइए तो आधे घंटे तक तो फादर बाहर ही नहीं आए। फिर एक बच्चे के पेरेंट्स भी स्कूल आए हुए थे, उन्होंने बताया कि उनके बच्चे का गला सुबह मारपीट करने वाले छात्र ने दबाया था। इसकी शिकायत उन्होंने स्कूल को की, जिसके बाद आरोपी छात्र को स्कूल से सस्पेंड किया गया था। आरोपी छात्र उनके बच्चों को मारने के लिए आया था, लेकिन गलतफहमी में उसने मेरे बेटे के साथ मारपीट ।

घटना के बाद शाम को आरोपी लड़के के पिता ने फोन करके बोला कि हमारे बच्चे से गलती हो गई है। खत्म करो सब। उन्होंने कुछ लोगों से फोन भी करवाए। मेरे बच्चे की गलती ही नहीं है तो क्यों खत्म करें। उसकी लड़ाई होती तो समझ में भी आता। स्कूल में स्टूडेंट्स आपस में लड़े तो भी समझ में आता है। लेकिन बाहर के लड़के आ रहे हैं। असामाजिक तत्व कैंपस में घूम रहे हैं। मेरे बेटे के साथ वीडियो में साफ मारपीट करते हुए लड़के दिख रहे हैं। आरोपी लड़के के पिता के भी हाथ में गन लिए फोटो सामने आए हैं। स्टेटस भी ऐसे ही लगा रखे हैं। पुलिस ने हमें थाने बुलाया था तो वहां देखा की आरोपी लड़के को बिल्कुल भी डर नहीं है। पिता और लड़के को ऐसा बैठा रखा है, जैसे दादा-बहादुर हैं। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी मंगलेश व्यास से मेरी बात हुई तो वो कह रहे हैं कि स्कूल कैंपस में ये सब होते रहता है। स्कूल प्रबंधन का रूख अभी भी गैर जिम्मेदाराना है। बच्चों को सेंट पॉल स्कूल से निकाल लेंगे। दोनों (पीड़ित छात्र और उसका भाई) बच्चे नौवीं कक्षा में पढ़ते हैं। सेक्शन अलग-अलग है। ये सेशन सेंट पॉल स्कूल में दोनों बच्चों का आखिरी है।"

डॉक्टर बोले हमेशा के लिए चली जाती बच्चे की आंख

भाजपा पार्षद और पीड़ित छात्र की बुआ पंखुडी डोसी का कहना है कि डॉक्टर ने बच्चे की लेफ्ट आंख के रैटिना में जख्म होने की बात कही है। रैटिना में राई बराबर चोट और लगती तो बच्चे की आंख हमेशा के लिए जा सकती थी। बच्चा बिल्कुल भी खाना नहीं खा पा रहा है। उसके जबड़े में सूजन है। उसके सिर में भी बहुत दर्द है। रैटिना की स्वेलिंग जब तक नहीं उतरेगी तब तक एक्स-रे नहीं हो पाएगा। अभी बच्चे का विजन ब्लर हो रहा है, उसे देखने में परेशानी आ रही है।

यहां था मामला


इंदौर के सेंटपॉल हायर सेकेंडरी स्कूल में गुरुवार को 9वीं के स्टूडेंट के साथ 11वीं के स्टूडेंट ने मारपीट कर दी थी। मारपीट में आरोपी छात्र के कुछ बाहरी साथी भी शामिल थे। छात्र की एक आंख पर गहरी चोट लगी है। चौंकाने वाली बात यह कि जिस छात्र के साथ मारपीट हुई है उसका किसी के साथ वाद-विवाद नहीं था। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।


आज पूरे दिन की खबरें

अमरपाटन - NH 30 रामपुर मोड के पास फोर विलर गाड़ी पलटने की खबर


 

अमरपाटन - NH 30 रामपुर मोड के पास mp 04 cr 1566 फोर विलर गाड़ी पलटने की खबर .सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 1 आदमी की आ रही है मरने की खबर 1033 पहुची है मौके मे- सूत्र

मरने वाले का नाम है रामनाथ पटेल थाना अमरपाटन उमरी गाव के है निवासी

 घटना इस्थल के मौके पर पहुची अमरपाटन पोलिस

  

सिद्धार्थ नगर (शिव कॉलोनी) निवासी राम शुक्ला के घर में पटाखे की वजह से लगी आग  

सिद्धार्थ नगर (शिव कॉलोनी) निवासी श्री राम शुक्ला के घर में पटाखे की वजह से लगी आग की वजह से हुआ नुक्सान, जिसमें 2 गाय और भैंस की हुई मौत साथ ही घर में रखे सामान सहित लाखों का नुक्सान, फरियादी अनुसार रात तकरीबन 1 बजे आग लगने की सूचना पड़ोसी की वजह से दिए जाने पर फरियादी परिवार सहित आग  बुझाने की कोशिश की गई, ना बुझने पर पुलिस सहित फायर ब्रिगेड से संपर्क किया गया पर संकरे रास्तों की वजह से फायर ब्रिगेड मौके पर पहोंचने में देरी हो गई जिसके बाद कुछ देर में ब्रिगेड के पहुंचने पर आग बुझाई गई पर तब तक नुकसान हो जाने की जानकारी प्राप्त हुई।

रामपुर बाघेलान-गौहारी गांव में 16 वर्षीय नाबालिग  लड़की का शव 

रामपुर बाघेलान-गौहारी गांव में स्थित बड़ईया तालाब में 16 वर्षीय नाबालिग  लड़की का शव मिलने से फैली सनसनी,20 नवंबर रात्रि में घर से अचानक गायब हूई थी नाबालिग लड़की, ग्राम गौहारी ककरहाई निवासी के रूप में नाबालिग लड़की की हूई शिनाख्त,पुलिस जांच में जुटी

दो दुल्हनों ने दो सगे भाइयों के साथ विवाह  सुहागरात से पहले ही

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में दो दुल्हनों ने दो सगे भाइयों के साथ विवाह किया और सुहागरात से पहले ही खीर में नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया. इसके बाद नगदी और जेवर लेकर फरार हो गईं.  शादी के लिए दोनों सगे भाई का रिश्ता एक दलाल के जरिए तय हुआ था. दलाल को 80 हजार रुपए दिए थे. लड़कियों को लेकर दलाल शादी करने लड़कों के गांव पहुंचा था.  शादी से पहले ही उसने निर्धारित रकम दूल्हों से लेने के बाद दोनों की गांव के एक मंदिर में शादी कराई. रीति-रस्म पूरी होने के बाद दुल्हनें अपनी ससुराल पहुंचीं और वहां ससुरालीवालों और अपने पतियों को खीर बनाकर खिलाई. खीर में नशीला पदार्थ मिला दिया और जब अगले दिन दूल्हे और उनके घर के लोग सोकर उठे तो दुल्हन घर का जेवर, नकदी और कीमती सामान लूटकर फरार हो चुकी थी. सुहागरात से पहले ही दुल्हनों और दलाल के हाथ लूटे गए दूल्हों ने पूरे मामले में पुलिस से फरियाद लगाई है. दुल्हनों के लूट और ठगी की इस घटना के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है.





बुधवार, 22 नवंबर 2023

Israel Hamas War: 46 दिनों बाद गाजा पट्टी में आज संघर्ष पर विराम, 50 इजरायली बंधकों के बदले लगभग 300 फलस्तीनी कैदी होंगे रिहा

 Israel Hamas War: 46 दिनों बाद गाजा पट्टी में आज संघर्ष पर विराम, 50 इजरायली बंधकों के बदले लगभग 300 फलस्तीनी कैदी होंगे रिहा

Israel Hamas War: 46 दिनों बाद गाजा पट्टी में आज संघर्ष पर विराम, 50 इजरायली बंधकों के बदले लगभग 300 फलस्तीनी कैदी होंगे रिहा


इजरायल सरकार ने बताया है कि 50 इजरायली बंधकों की रिहाई संघर्ष विराम के चार दिनों में होगी। इसके बाद हर दिन दस इजरायली बंधकों की रिहाई होने पर संघर्षविराम का एक दिन बढ़ता जाएगा। हमास जितने दिन दस बंधक रिहा करेगा उतने ही दिन संघर्षविराम आगे बढ़ेगा। माना जा रहा है कि सात अक्टूबर को इजरायल से अगवा 240 लोग इस समय हमास के बंधक हैं।

यरुशलम, रॉयटर। 46 दिनों से जारी इजरायल-हमास युद्ध में चार दिनों के संघर्ष विराम की सहमति बन गई है। समझौते के तहत अतिवादी संगठन हमास सात अक्टूबर को अगवा कर बंधक बनाए गए लोगों में से 50 महिलाएं और बच्चे रिहा करेगा, इसके बदले इजरायल अपनी जेलों में बंद 150 फलस्तीनी महिलाएं और बच्चे छोड़ेगा। हत्या के आरोप में बंदी किसी भी कैदी की इजरायली जेल से रिहाई नहीं होगी।

संघर्ष विराम समझौते पर विश्वभर में खुशी  

बंधकों-कैदियों की यह अदलाबदली गाजा पट्टी में संघर्ष विराम के दौरान होगी। हालांकि युद्धविराम लागू होने से पहले गाजा में इजरायली सेना के भीषण हमले और हमास द्वारा उनका प्रतिरोध जारी है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के जोर देने पर कतर की मध्यस्थता में हुए संघर्ष विराम समझौते पर भारत सहित पूरे विश्व ने खुशी जताई है।
इससे गाजा में इजरायली हमलों में मारे जा रहे निर्दोष लोगों की जान बचेगी, साथ ही वहां की 23 लाख आबादी के जीवन की मुश्किलें कम होंगी। इसके साथ महीनों-वर्षों से मामूली अपराधों में इजरायली जेलों में बंद फलस्तीनी महिलाओं और बच्चों की रिहाई संभव होगी। बदले में डेढ़ महीने से हमास के बंधक बने इजरायली नागरिकों की घर वापसी संभव होगी।

चार दिनों में होगी 50 इजरायली बंधकों की रिहाई
इजरायल सरकार ने बताया है कि 50 इजरायली बंधकों की रिहाई संघर्ष विराम के चार दिनों में होगी। इसके बाद हर दिन दस इजरायली बंधकों की रिहाई होने पर संघर्षविराम का एक दिन बढ़ता जाएगा। हमास जितने दिन दस बंधक रिहा करेगा, उतने ही दिन संघर्षविराम आगे बढ़ेगा। माना जा रहा है कि सात अक्टूबर को इजरायल से अगवा 240 लोग इस समय हमास के बंधक हैं। अगवा लोगों में से पांच महिलाओं को हमास ने अभी तक रिहा किया है जबकि दो महिलाओं की मौत हो चुकी है।

छह घंटे के विचार-विमर्श से बुधवार सुबह इजरायली मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिलने के बाद समझौते पर संसद की भी स्वीकृति ली गई। कुछ औपचारिकताओं के बाद संघर्षविराम के गुरुवार सुबह से लागू होने की उम्मीद है। उसी के बाद गाजा में इजरायली सेना और हमास के लड़ाकों की लड़ाई रुकेगी और बंधकों-कैदियों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू होगी।

वेस्ट बैंक से तीन हजार से ज्यादा लोग गिरफ्तार
समझौते के संबंध में इजरायल सरकार के बयान में रिहा किए जाने वाले फलस्तीनी कैदियों की संख्या का जिक्र नहीं है लेकिन सूत्र बताते हैं कि 150 से 300 फलस्तीनी कैदियों की रिहाई हो सकती है। इनमें बड़ी संख्या वेस्ट बैंक से गिरफ्तार फलस्तीनियों की हो सकती है। सात अक्टूबर के बाद इजरायली सुरक्षा बलों ने गाजा पट्टी के नजदीक स्थित वेस्ट बैंक से तीन हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है।

छह घंटे ड्रोन की होगी उड़ान 
युद्धविराम के दौरान दक्षिणी गाजा के आकाश में इजरायल के लड़ाकू विमान और ड्रोन उड़ान नहीं भरेंगे जबकि उत्तरी गाजा के आकाश में दिन के छह घंटे ड्रोन की उड़ान होगी। इजरायल सरकार ने गाजा में छिड़े युद्ध के जो दो उद्देश्य बताए हैं उनमें से एक हमास द्वारा अगवा किए गए नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी है।

सरकार ने दूसरे उद्देश्य के बारे में भी स्पष्ट किया है कि हमास के समूल नाश की अपनी घोषणा पर वह कायम है। युद्धविराम के बाद उस उद्देश्य को पूरा किया जाएगा। सात अक्टूबर को इजरायल के शहरों पर हमास के हमले में 1,200 लोग मारे गए थे जबकि उसके बाद से जारी इजरायली सैन्य कार्रवाई में अभी तक करीब 14,000 फलस्तीनी मारे गए हैं।

इजरायल की एक और अस्पताल पर कार्रवाई, चार मरे
गाजा में इजरायली सेना ने अल अवदा अस्पताल पर कार्रवाई की है। इस हमले में तीन डाक्टरों और एक तीमारदार के मारे जाने की सूचना है। इजरायली सेना ने इस कार्रवाई पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है। वेस्ट बैंक के तुल्कार्म शरणार्थी शिविर पर की गई कार्रवाई में छह फलस्तीनी मारे गए हैं। वहां पर तलाशी के लिए गए सुरक्षा बल के विरोध में ¨हसा होने पर यह कार्रवाई की गई थी।

दस्तगीर परिवार ने नोटिस दिया तो जवाब मिला- सीरीज आपके पिता पर नहीं

दस्तगीर परिवार ने नोटिस दिया तो जवाब मिला- सीरीज आपके पिता पर नहीं



2 दिसंबर 2021 को वेब सीरीज का पहला टीजर जारी हुआ था। उसके बाद गुलाम दस्तगीर के बेटे शादाब दस्तगीर ने यशराज फिल्म्स को एक लीगल नोटिस भेजा, जिसमें लिखा कि सीरीज में जिस किरदार को दिखाया गया है वो उनके पिता की कहानी है। ये भी लिखा- जनवरी 2019 में उन्होंने इस कहानी के राइट्स स्मॉल बॉक्स प्रोडक्शन नाम की कंपनी को दिए हैं।

इस बात पर भी नाराजगी जताई कि सीरीज बनाने से पहले यशराज फिल्म्स ने परिवार से मिलना तक जरूरी नहीं समझा। बगैर इजाजत बनी सीरीज में कोई गलत जानकारी उनके पिता और परिवार की छवि को खराब कर सकती है
लीगल नोटिस के जवाब में यशराज फिल्म्स ने लिखा- पब्लिक डोमेन में जितनी जानकारियां उपलब्ध थीं, उसके आधार पर ही यह सीरीज बनाई गई है। सिर्फ 50 सेकेंड के टीजर से आप ये कैसे कह सकते हैं कि इससे आपके पिता या आपके परिवार की छवि को गलत तरीके से सामने लाया जा सकता है?

राइट्स किसी और को बेचे जाने के सवाल पर नेटफ्लिक्स ने जवाब दिया कि यह सीरीज जब पूरी तरह से बनकर तैयार हो गई थी, उसके बाद जुलाई 2021 में इसके राइट्स किसी और को दिए गए थे। यह सीरीज गुलाम दस्तगीर की कोई बायोग्राफी या उनकी जिंदगी पर बनाई गई स्टोरी नहीं है, इसलिए यशराज फिल्म्स और नेटफ्लिक्स ने किसी भी तरह का कोई उल्लंघन नहीं किया है।



फैक्ट के साथ जमकर छेड़छाड़ की गई- शादाब दस्तगीर गुलाम दस्तगीर के दोनों बेटे नायाब और शादाब दस्तगीर भोपाल के कोहेफिजा में रहते हैं। सीरीज देखने के बाद उनका कहना है- फैक्ट्स और फिक्शन मिक्स कर दिया है, जिससे असली किरदार की भूमिका दब गई है। उस रात के बारे में जितना हमें पता है, शायद किसी और को न हो।

शादाब कहते हैं- सीरीज में इमाद नाम का एक किरदार बताया गया है, जिसकी मदद से इफ्तिखार सिद्दकी सारा इंतजाम करते हैं। हकीकत में ऐसा कोई किरदार ही नहीं था। रेलवे में जॉइनिंग के पहले ही दिन उसे बिना ट्रेनिंग के सिग्नल ठीक करते और ट्रेन चलाते दिखा दिया गया। रेलवे के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि कोई व्यक्ति जॉइनिंग के पहले दिन लोको पायलट बनकर ट्रेन चला रहा हो।

इसी तरह मंदिरा बेदी को एक सिख महिला के रूप में दिखाया गया है। जबकि ऐसा कुछ हुआ नहीं था। जो बताता है कि इनके पास रिसर्च के नाम पर कुछ भी नहीं था।

सरकार और रेलवे से कभी कोई सम्मान नहीं मिला- नायाब दस्तगीर

39 साल पहले जब गैस रिसाव की घटना हुई थी, तब नायाब की उम्र 17 साल और शादाब की उम्र 14 साल थी। नायाब बताते हैं- गैस की चपेट में आने के बाद पिताजी कभी स्वस्थ नहीं रह पाए। पानी पीने से पहले दर्द कम करने के लिए स्टेरॉयड लेते थे क्योंकि उनके गले में घाव हो गया था। मुआवजे के तौर पर 55 हजार रुपए मिले थे। गैसकांड के चार साल बाद 1988 में वे रिटायर हो गए। उनके इलाज में सारी जमा पूंजी खत्म हो गई।

नायाब बताते हैं- पिताजी ने हाउसिंग बोर्ड का एक डुप्लेक्स बुक किया था, मगर उनकी बीमारी के कारण वो कोई किस्त जमा नहीं कर पाए। उसका ब्याज 12 लाख रुपए से बढ़कर 23 लाख रुपए हो गया। 2003 में उनके इंतकाल के बाद ब्याज को माफ करवाने के लिए हमने हाउसिंग बोर्ड से लेकर मुख्यमंत्री दफ्तर के चक्कर काटे। डेथ सर्टिफिकेट में मौत का कारण मिथाइल आइसोसाइनेट के इन्फेक्शन से किडनी और लिवर डैमेज बताया गया था।

उस समय बाबूलाल गौर मुख्यमंत्री थे। उन्होंने कहा- वो कोई

मदद नहीं कर सकते। भोपाल गैसकांड पीड़ितों की केंद्र

सरकार के तय मानकों के आधार पर मदद की जा रही है।

अलग से मदद करने के लिए उनके पास कोई फंड नहीं है। जब

पर खेलकर हजारों जिंदगियां बचाई। मगर इन्होंने एक मेडल या सर्टिफिकेट तक नहीं दिया।

यशराज फिल्म्स से हमें कुछ भी नहीं चाहिए - दस्तगीर परिवार गुलाम दस्तगीर के परिवार ने यशराज फिल्म्स को भले ही लीगल नोटिस भेजा हो, लेकिन इसके बदले उन्हें कुछ नहीं चाहिए। शादाब दस्तगीर कहते हैं- इस बात की तकलीफ है कि मेरे पिता की कहानी पर पूरी सीरीज बना दी। हमसे पूछा तक नहीं गया। सीरीज में किरदार का नाम इफ्तिखार सिद्दकी क्यों रखा गया? गुलाम दस्तगीर रखने में क्या परेशानी थी?

हमें कुछ नहीं चाहिए बस इतनी इच्छा है कि वो हमारे पिता के असली नाम का इस्तेमाल करें। सीरीज की शुरुआत में एक छोटा सा ट्रिब्यूट दें, ताकि दुनिया को पता चल सके कि वो शख्स गुलाम दस्तगीर था, जिसने हजारों लोगों की जान बचाई और बदले में कुछ नहीं मांगा।

2-3 दिसंबर की दरमियानी रात क्या हुआ था भोपाल रेलवे स्टेशन पर

2 दिसंबर की आधी रात के आसपास डिप्टी स्टेशन मास्टर गुलाम दस्तगीर ने जब अपनी ड्यूटी संभाली तो भोपाल रेलवे स्टेशन पर सब कुछ सामान्य था। रात 11 बजे के आसपास का वक्त हो चला था। भोपाल होकर गुजरने वाली एक एक्सप्रेस ट्रेन रवाना हो चुकी थी। गुलाम दस्तगीर भी कागजी कार्रवाई में मशगूल थे। मुंबई से गोरखपुर जा रही 116 अप के भोपाल जंक्शन में दाखिल होते ही हालात बदल गए थे।

मध्य रेलवे की इस लंबी रूट की ट्रेन को रिसीव करने गुलाम दस्तगीर जब अपने कमरे से निकलकर वहां पहुंचे तो उन्हें गले और आंखों में जलन का अहसास होने लगा। ट्रेन में बैठे यात्रियों में से भी कुछ बुरी तरह खांसने लगे थे।

दस्तगीर ने स्टेशन पर आने वाली ट्रेनों को रोक दिया था अफरा-तफरी के माहौल में घर-बार छोड़कर भाग रहे लोगों में से कुछ ने रेलवे स्टेशन पर पनाह ली थी। ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहे थे। खतरे को भांपते ही गुलाम दस्तगीर ने ट्रेन को फौरन रवाना करने का फैसला किया। दस्तगीर ने फौरन आला अधिकारियों से संपर्क किया। उन्हें फैक्ट्री से जहरीली गैस के रिसाव की सूचना दी, ताकि भोपाल आने वाली गाड़ियों को पहले ही रोक लिया जाए।

गुलाम दस्तगीर गैस की चपेट में आ चुके थे। इसके बावजूद वो पीड़ितों और साथी कर्मचारियों को अस्पताल भेजने और उनकी मदद में जुटे हुए थे। गुलाम दस्तगीर ने ड्यूटी तभी छोड़ी जब उनकी स्थिति बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।

अमरपाटन थाने में सीएम हेल्पलाइन में भी किया जा रहा है फर्जीवाड़ा

 अमरपाटन थाने में सीएम हेल्पलाइन में भी किया जा रहा है फर्जीवाड़ा 

विप्र एक्सप्रेस, अमरपाटन अमरपाटन थाना में नाबालिग की गुमशुदगी की रिपोर्ट पर कार्यवाही नहीं की गई उल्टा सीएम हेल्पलाइन में बार बार गलत जानकारी दी गई है यहां तक की दो शिकायतों पर गलत तरीके से जानकारी दी गई सीधे
तौर पर यह लिख दिया गया की शिकायत चयनित अधिकारी के कार्य क्षेत्र से संबधित नहीं है। लगातार यही निराकरण दिया जा रहा था लेकिन शिकायत पुलिस विभाग की है यह जांच की जाए की सीएम हेल्पलाइन में भी गलत

निराकरण देकर किस तरह से फर्जीवाडा का काम जब पुलिस विभाग कर रहा है तो आम जनता को कैसे न्याय मिल सकेगा और क्या अमरपाटन पुलिस नाबालिक लड़की को खोज पाऐगी अगर अभी 3 माह में तक नहीं खोज पाई यह तो एक बड़ा सवाल है लेकिन सीएम हेल्पलाइन में भी पुलिस विभाग की शिकायत के बावजूद भी नहीं की जा रही कार्रवाई क्या इस पर जिम्मेदार अधिकारी ध्यान देंगे की सीएम हेल्पलाइन पर भी गलत निराकरण दिया जा रहा है और शिकायत को बंद किया जा रहा है। थाना अमरपाटन द्वारा नाबालिक

लड़की की नहीं खोज की जा रही है जिसके द्वारा पहुंचाया गया है उससे पुलिस कुछ पूछताछ नहीं कर रही है अमरपाटन पुलिस नहीं कर रही कारवाही कब मिलेगी नाबालिक लड़की है पता नहीं।


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